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मेंटेनेंस नहीं होने से लगभग आधी बसें ही चल पा रही हैं शहर में
उज्जैन | नगर सेवा के लिए 50 सिटी बस हैं। इनमें से 11 ग्रामीण रूट पर चलाई जा रही हैं। शहर के लिए 39 बस हैं लेकिन चलाई जा रही है महज 21 । शेष 18 का एक महीने बाद भी मेंटेनेंस ही चल रहा है। नगर निगम ने सिटी बस संचालन के लिए ठेका भी दिया लेकिन उसके संचालन में रफ्तार नहीं आई। जिम्मेदारों का कहना है कि मेंटनेंस के बाद सभी बस चलाई जाएंगी। मेंटनेंस कब तक पूरा होगा, इसका कोई जवाब नहीं मिला। इसी तरह परमिट नहीं मिलने की बात भी कही जा रही है जबकि आरटीओ का कहना है कि उनके पास कोई आवेदन पेंडिंग ही नहीं है। बस संचालक कोई आवेदन करेंगे तभी तो परमिट मिलेगा। कई रूट ऐसे हैं जहां बस की जरूरत है।
उज्जैन सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड नगर निगम का उपक्रम है, जिस पर लोगों को शहर में एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने का दायित्व है। कंपनी के प्रबंधक पवन कुमार के अनुसार शहर के अलग-अलग रूट पर 39 बस चलाई जाना प्रस्तावित हैं। इनसे वर्तमान में 21 बसें चलाई जा रही हैं। शेष में कोई न कोई काम है, उनका मेंटेनेंस किया जा रहा है। मेंटेनेंस पूरा होने पर सभी रूट पर बस चलाई जाएंगी। निगम के वर्कशॉप प्रभारी सुनील जैन का कहना है पूर्व में मेंटेनेंस निगम में होता था लेकिन नए ठेके के बाद संबंधित व्यक्ति को निजी तौर पर ही मेंटेनेंस कराना है।
आवेदन तो करें, परमिट मिलेगा
सिटी बस के लिए परमिट से संबंधित कोई आवेदन पेंडिंग नहीं है। ऑपरेटर आवेदन ही नहीं करते। आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज सहित कई रूट पर सीमित संख्या में या कम फेरे में सिटी बस चलाई जाने की शिकायतें मिली हैं। ऑपरेटर आवेदन करें तो नियमानुसार परमिट जारी करेंगे। -संतोष मालवीय आरटीओ
तीन पर चल रही, दो रूट पर यात्रियों को नहीं मिल रही सुविधा
सिटी बस के लिए तय पांच रूट में से केवल तीन पर ही बस चलाई जा रही हैं। रूट नं.1, 4, 3 पर बस चलाई जा रही हैं जबकि 8, 6 पर बस बंद कर दी गई हैं। यहां के लोग दूसरे लोक परिवहन या स्वयं के वाहन पर निर्भर हैं। आगर रोड, देवास रोड ऐसे रूट हैं जहां बस के कम फेरे हैं।